NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है।
सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्यों दी प्याज की दलील?
देशभर में NEET-UG 2024 paper leak को लेकर मचे बवाल के बीच, लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा तंज कसा है।
सोनम वांगचुक ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत में जब प्याज की कीमतें बढ़ने पर सरकारें गिर सकती हैं, तो फिर 24 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ होने पर शिक्षा मंत्री का इस्तीफा क्यों नहीं होना चाहिए?
उन्होंने राजनीतिक जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक देशों में नैतिक जिम्मेदारी सबसे ऊपर होनी चाहिए और गलतियों को स्वीकार करना ही सुशासन की पहचान है।
वांगचुक के बयान की 3 बड़ी बातें (Key Takeaways)
- नैतिक जिम्मेदारी: सोनम वांगचुक के अनुसार, पेपर लीक जैसी गंभीर घटना के बाद शिक्षा मंत्री को खुद आगे आकर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था।
- छात्रों का भविष्य: उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश के 24 लाख युवाओं के सपनों और उनके भरोसे का कत्ल है।
- प्याज बनाम शिक्षा: उन्होंने तंज कसा कि हमारे देश में प्याज जैसी चीजों पर राजनीति और सरकारें हिल जाती हैं, लेकिन शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर चुप्पी हैरान करने वाली है।
NEET विवाद पर बढ़ता राजनीतिक दबाव
बता दें कि नीट परीक्षा में धांधली और ग्रेस मार्क्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है। विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है।
ऐसे में सोनम वांगचुक का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनके इस बेबाक अंदाज और तार्किक दलील की जमकर सराहना कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच केंद्र सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या ठोस कदम उठाती है।
(Image Credit: abplive.com)






