देश में फिर बढ़े कोविड के मामले ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, केरल और आंध्र प्रदेश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा बयान जारी किया है।
केरल और आंध्र प्रदेश में क्या है कोरोना की स्थिति?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में केरल और आंध्र प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभागों को तुरंत अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत की बात यह है कि अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण देखे गए हैं और वे होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। फिर भी, प्रशासन किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए ये कड़े निर्देश
स्थिति की समीक्षा करने के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रभावित राज्यों के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने वायरस के नए वेरिएंट का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग पर जोर दिया है। मंत्रालय द्वारा जारी मुख्य निर्देश निम्नलिखित हैं:
- सभी संदिग्ध मामलों की अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच की जाए।
- संक्रमित पाए गए मरीजों के सैंपल तुरंत जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएं।
- अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की जाए।
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी जाए।
क्या नए वेरिएंट ने दी है दस्तक?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव और त्योहारों के चलते लोगों की आवाजाही बढ़ी है, जो मामलों में बढ़ोतरी का एक मुख्य कारण हो सकता है। हालांकि, अभी तक किसी नए और घातक वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है। सरकार ने आम जनता से पैनिक न करने और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है। बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है।
(Image Credit: abplive.com)






