पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब टीएमसी के दिग्गज नेता अभिषेक बनर्जी ने बागी गुट को खुली चुनौती दी, जिस पर भाजपा ने भी तीखा पलटवार किया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के भीतर असंतोष जताने वाले नेताओं को साफ शब्दों में चेतावनी दी है, जिसके बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ गया है।
अभिषेक बनर्जी का बागी गुट को खुला चैलेंज
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में पार्टी के भीतर उठ रहे असंतुष्ट सुरों पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बागियों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी को पार्टी की नीतियों या नेतृत्व से दिक्कत है, तो वह इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाए। अभिषेक के इस आक्रामक तेवर ने साफ कर दिया है कि TMC अब किसी भी तरह की गुटबाजी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
BJP का पलटवार: ‘शायद वो खुद भी…’
अभिषेक बनर्जी के इस बयान के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मोर्चा संभाल लिया। भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी दूसरों को नसीहत दे रहे हैं, लेकिन शायद वह खुद भी पार्टी के भीतर घुटन महसूस कर रहे हैं। भाजपा का दावा है कि ममता बनर्जी के भतीजे खुद को भ्रष्टाचार के आरोपों और आंतरिक कलह से बचाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं और खुद पार्टी से अलग राह तलाश रहे हैं।
बंगाल की राजनीति के 3 बड़े सियासी घटनाक्रम:
- अभिषेक बनर्जी की सख्त चेतावनी: बागी नेता हिम्मत है तो टीएमसी का साथ छोड़ें और जनता के बीच जाकर अपनी असली ताकत साबित करें।
- भाजपा का तीखा हमला: बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया कि अभिषेक खुद टीएमसी से दूरी बनाने का सुरक्षित रास्ता खोज रहे हैं।
- पार्टी के भीतर असंतोष: पश्चिम बंगाल के कई जिलों में ममता बनाम अभिषेक गुट के बीच वर्चस्व की जंग तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनावों के बाद बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर सांगठनिक बदलावों को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है। एक तरफ जहां पुराना गुट ममता बनर्जी के प्रति वफादार है, वहीं युवा गुट अभिषेक बनर्जी को पूरी कमान सौंपने की वकालत कर रहा है। अब देखना यह है कि भाजपा के इस तीखे पलटवार पर TMC की तरफ से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है।
(Image Credit: abplive.com)






