दिल्ली में सोनम वांगचुक के धरने को खत्म कराने के बाद अब एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं।
सोनम वांगचुक के आंदोलन के बीच अभिजीत दीपके का बड़ा दावा
लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली में डटे दिग्गज एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद माहौल गरमा गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मौके पर मौजूद सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर बड़ा दावा किया है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने न केवल उन्हें जबरन वहां से हटाया, बल्कि उनका फोन भी छीनने की कोशिश की और हिरासत में लेने की धमकी दी।
आखिर क्या हुआ था दिल्ली के लद्दाख भवन के बाहर?
इस पूरे विवाद को समझने के लिए इन मुख्य बिंदुओं पर नजर डालना जरूरी है:
- सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर दिल्ली के लद्दाख भवन के बाहर अनशन पर बैठे थे।
- दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए वांगचुक और उनके समर्थकों को धरना स्थल से जबरन हटा दिया।
- घटना को कवर कर रहे एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका कैमरा बंद कराया और उनके साथ बदसलूकी की।
इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस के रवैए के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया है। लोग लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल, इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। लेकिन दीपके के इस नए खुलासे के बाद लद्दाख आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है।
(Image Credit: abplive.com)






