क्रिप्टो घोटाला मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें 2.48 लाख से अधिक लोग ठगी का शिकार हुए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देश के एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस 500 करोड़ रुपये के क्रिप्टो घोटाला में जांच एजेंसी ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर तीन मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है।
आरोपियों ने एक फर्जी क्रिप्टो करेंसी और निवेश योजना के जरिए देश भर के मासूम लोगों को निशाना बनाया। इस महाघोटाले में अब तक लगभग 2.48 लाख लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं।
जानिए कैसे हुआ यह विशाल क्रिप्टो घोटाला
ED की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ‘हाई रिटर्न’ का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठे थे। उन्होंने सोशल मीडिया और बड़े होटलों में सेमिनार आयोजित कर लोगों का विश्वास जीता था।
शुरुआत में निवेशकों को मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये लेकर आरोपी फरार हो गए।
इस महाघोटाले की बड़ी बातें (Key Takeaways)
- यह पूरा धोखाधड़ी नेटवर्क करीब ₹500 करोड़ से अधिक का है।
- ED ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ताओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- मासूम निवेशकों को मात्र कुछ महीनों में पैसा दोगुना करने का झांसा दिया गया था।
- जांच के दौरान ED ने कई बेनामी बैंक खातों और करोड़ों की अवैध संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है।
जांच एजेंसी की निवेशकों को बड़ी चेतावनी
ED के अनुसार, इस क्रिप्टो घोटाला के तार कई अन्य राज्यों और विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स को खंगाल रही हैं ताकि पीड़ितों का पैसा वापस मिल सके।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी भी बिना मान्यता प्राप्त क्रिप्टो स्कीम या अत्यधिक मुनाफे का दावा करने वाले ऐप में निवेश करने से बचें।
(Image Credit: abplive.com)






