अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने अब देश में बड़ा राजनीतिक भूचाल ला दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने इस गंभीर मुद्दे पर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एक विशेष जांच की मांग कर दी है।
वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी व चोरी की खबरों के बाद विपक्ष पूरी तरह हमलावर हो गया है। कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं ने इस पत्र के जरिए केंद्र सरकार को घेरते हुए मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राहुल गांधी और खरगे की पीएम मोदी से मुख्य मांगें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए इस संयुक्त पत्र में कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई हैं:
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच: कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच माननीय उच्चतम न्यायालय की देखरेख में एक विशेष समिति से कराई जाए।
- दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई: आस्था के केंद्र में सेंध लगाने वाले और चढ़ावे की चोरी में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- दान का सार्वजनिक ऑडिट: राम मंदिर ट्रस्ट को मिलने वाले हर एक पैसे और सोने-चांदी के चढ़ावे का नियमित रूप से पब्लिक ऑडिट कराया जाए ताकि देश के सामने सच आ सके।
क्या है पूरा राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से अयोध्या राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की कुछ शिकायतें सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई थीं। विपक्ष का आरोप है कि राम भक्तों द्वारा अपनी गाढ़ी कमाई से दिया गया दान सुरक्षित नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल धन की चोरी नहीं है, बल्कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है।
इस पत्र के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि संसद के आगामी सत्र में भी इस मुद्दे को लेकर भारी हंगामा हो सकता है। फिलहाल, इस पूरे विवाद पर बीजेपी या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस पत्र ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
(Image Credit: abplive.com)






