दिल्ली में संसद मार्च छात्र लाठीचार्ज की घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘सिंहासन खाली करो’ का नारा बुलंद किया है। देश की राजधानी में हुई इस बड़ी सियासी हलचल पर वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, रोजगार और अन्य जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिसिया बल प्रयोग के बाद विपक्ष पूरी तरह हमलावर हो गया है और सरकार को चौतरफा घेरने की तैयारी में है।
छात्रों पर लाठीचार्ज से गरमाई सियासत, खड़गे ने साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छात्रों के प्रदर्शन का एक वीडियो साझा करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे युवा इस देश का भविष्य हैं, लेकिन भाजपा सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय उन्हें लाठियों के दम पर कुचलने का प्रयास कर रही है।
खड़गे ने मशहूर कवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध पंक्तियों का जिक्र करते हुए सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने लिखा, “सदियों की ठंडी-बुझी राख सुगबुगा उठी, मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है; दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो, सिंहासन खाली करो कि जनता आती है!” खड़गे ने कहा कि युवा अब अपने हक की लड़ाई के लिए उठ खड़ा हुआ है और सरकार को इसका जवाब देना ही होगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर लगाए ये गंभीर आरोप
- युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास: खड़गे ने आरोप लगाया कि जब भी देश का युवा नौकरी, बेहतर शिक्षा और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग करता है, तो मोदी सरकार उन्हें सुनने के बजाय पुलिस की लाठियों से चुप कराने की कोशिश करती है।
- पेपर लीक और बेरोजगारी पर चुप्पी: कांग्रेस का आरोप है कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक घोटाले और आसमान छूती बेरोजगारी ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है, जिस पर सरकार मौन साधे बैठी है।
- तानाशाही रवैया: विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण ढंग से संसद मार्च कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस का इस तरह से बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग करना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर संसद भवन की तरफ मार्च कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए थे और कई जगहों पर बैरिकेडिंग की थी। जब छात्रों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इस लाठीचार्ज में कई छात्रों को चोटें आईं और पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद से दिल्ली की राजनीति गरमा गई है।
(Image Credit: abplive.com)






