मैनपुरी में सड़क हादसे को रोकने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। बेवर-किशनी मार्ग पर मौत का कारण बन रहे अवैध कट और ब्लैक स्पॉट की सघन जांच शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर नियंत्रण पाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD), पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने धरातल पर उतरकर काम शुरू कर दिया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, बेवर-किशनी मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन ने उन संवेदनशील स्थानों (ब्लैक स्पॉट) को चिह्नित करना शुरू किया है, जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।
अवैध कट और ब्लैक स्पॉट बने बड़ी मुसीबत
जांच टीम के अनुसार, बेवर-किशनी मुख्य मार्ग पर स्थानीय दुकानदारों, ढाबा संचालकों और ग्रामीणों द्वारा अपनी सुविधा के लिए दर्जनों अवैध डिवाइडर कट बना दिए गए हैं। इन अनाधिकृत कटों की वजह से तेज रफ्तार वाहन अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे भीषण टक्कर होती है। प्रशासन अब इन सभी अवैध कटों को स्थाई रूप से बंद करने की योजना पर काम कर रहा है।
जांच टीम की मुख्य प्राथमिकताएं:
- अवैध कटों को बंद करना: मार्ग पर जितने भी अनधिकृत रास्ते और डिवाइडर कट हैं, उन्हें तुरंत बैरिकेडिंग करके सील किया जाएगा।
- साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाना: तीव्र मोड़ों और संवेदनशील क्षेत्रों में स्पीड लिमिट के चेतावनी बोर्ड और रात में चमकने वाले रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे।
- ब्लैक स्पॉट का सुधारीकरण: जिन जगहों पर बार-बार हादसे होते हैं, वहां सड़क की बनावट में जरूरी सुधार किया जाएगा ताकि अंधा मोड़ खत्म हो सके।
- अतिक्रमण पर कार्रवाई: हाईवे के दोनों तरफ अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण और खड़े रहने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
हादसों पर लगाम लगाने के लिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी और पुलिस प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध रूप से डिवाइडर काटने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय पुलिस को इन ब्लैक स्पॉट्स पर नियमित गश्त बढ़ाने और ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों के ऑनलाइन चालान काटने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बेवर-किशनी मार्ग पर यात्रा करने वाले नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
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