NEET विवाद के बीच एक्टिविस्ट सौरभ दास के खुलासे से हड़कंप है। इसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मोदी सरकार का पहला रिएक्शन आया है। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की सियासत और शिक्षा व्यवस्था में भूचाल ला दिया है।
देशभर में NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर छात्रों और विपक्ष का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इस बीच, खोजी पत्रकार और RTI एक्टिविस्ट सौरभ दास (Saurabh Das) के दावों ने आग में घी डालने का काम किया है। इस पूरे मामले पर वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय अब चौतरफा दबाव में है और सरकार के भीतर भी इसे लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
क्या है सौरभ दास का दावा और क्यों मचा है बवाल?
एक्टिविस्ट सौरभ दास लगातार पेपर लीक और NTA (National Testing Agency) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। उनके हालिया खुलासों के बाद सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि क्या सरकार डैमेज कंट्रोल के लिए धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले सकती है?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मोदी सरकार का पहला रिएक्शन
सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि मोदी सरकार ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि किसी भी मंत्री के इस्तीफे का फिलहाल कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। सरकार का मानना है कि इस मोड़ पर इस्तीफा स्वीकार करना विपक्ष के आरोपों को सही साबित करने जैसा होगा। सरकार का मुख्य फोकस अब जांच को तेजी से पूरा करने और छात्रों के भ्रम को दूर करने पर है।
इस पूरे मामले के मुख्य बिंदु:
- जांच पर भरोसा: मोदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीबीआई (CBI) इस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- विपक्ष का हमला: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने संसद से लेकर सड़क तक धर्मेंद्र प्रधान को घेरने की रणनीति बनाई है।
- NTA में सुधार: सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए इसरो के पूर्व प्रमुख की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है।
- छात्रों का गुस्सा: देश के लाखों छात्र और अभिभावक सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर नजरें गड़ाए बैठे हैं।
अब देखना यह होगा कि CJP (Citizens for Justice and Peace) से जुड़े पहलुओं और सौरभ दास के तीखे सवालों का सामना मोदी सरकार संसद के आगामी सत्र में किस तरह करती है। लेकिन एक बात साफ है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के लिए आने वाले दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।
(Image Credit: abplive.com)






