संसद मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और सोनम वांगचुक के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति साफ कर दी है।
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के आक्रामक तेवर
आगामी संसद मानसून सत्र को लेकर देश की राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने यह साफ कर दिया है कि वे इस बार जनहित और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार करेंगे। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी गठबंधन ने कई संवेदनशील मुद्दों को उठाते हुए सरकार से सदन में विशेष चर्चा कराने की मांग की है। विपक्ष के इस आक्रामक रुख से साफ है कि आगामी सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है।
सोनम वांगचुक और लद्दाख का मुद्दा बना हथियार
लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का मुद्दा संसद में गूंजने के लिए पूरी तरह तैयार है। विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक में आरोप लगाया कि सरकार लद्दाख के नागरिकों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस विषय पर तुरंत चर्चा होनी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट (NEET) धांधली पर तीखे सवाल
अयोध्या के ऐतिहासिक राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला और देश के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि धार्मिक आस्था के केंद्र में हुई अनियमितताओं और देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सरकार चुप्पी साधे बैठी है।
संसद में गूंजेंगे ये 5 बड़े मुद्दे (विपक्षी एजेंडा)
विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक में स्पष्ट किया है कि वे निम्नलिखित मुख्य मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे और चर्चा के बिना सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे:
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा घोटाले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग।
- सोनम वांगचुक का आंदोलन: लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर सरकार की नीति स्पष्ट करने की मांग।
- NEET पेपर लीक विवाद: परीक्षा प्रणाली में सुधार और पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग।
- बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी: देश के आम नागरिकों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने वाली महंगाई पर विस्तृत चर्चा।
- सीमा सुरक्षा और चीनी घुसपैठ: भारत-चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की ताजा स्थिति पर रक्षा मंत्रालय से श्वेत पत्र की मांग।
टकराव टालने की कोशिश में जुटी सरकार
दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के इन तीखे हमलों का सामना करने के लिए अपनी रक्षात्मक रणनीति तैयार कर ली है। संसदीय कार्य मंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की गरिमा बनाए रखने और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा करने में सहयोग देने की अपील की है। हालांकि, हालिया लोकसभा चुनाव के परिणामों से उत्साहित विपक्ष इस बार आसानी से पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा है।
(Image Credit: abplive.com)






