पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर चलने की खबर से सियासी हड़कंप मच गया है, जिसपर भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने टीएमसी सरकार को घेरा है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय अचानक गर्मी बढ़ गई, जब हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी के एक अस्थाई दफ्तर को अवैध बताते हुए बुलडोजर से ढहा दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता बनर्जी सरकार की नीतियों और उनकी नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लॉकेट चटर्जी ने TMC सरकार पर साधा निशाना
बीजेपी की फायरब्रांड नेता और पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी ने इस बुलडोजर कार्रवाई को लेकर ममता सरकार पर जमकर तंज कसा है। उन्होंने कहा, “जो टीएमसी उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ होने वाली बुलडोजर कार्रवाई पर छाती पीटती थी, आज उसी की सरकार में खुद उनके सबसे बड़े नेता के ठिकानों पर पीला पंजा चल रहा है। टीएमसी सरकार के राज में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि अब इनके अपने ही दफ्तर अवैध निर्माण की श्रेणी में आ रहे हैं।”
विवाद की मुख्य वजहें: आखिर क्यों ढहाया गया दफ्तर?
इस पूरे मामले में प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- अतिक्रमण पर कार्रवाई: स्थानीय प्रशासन का दावा है कि यह कार्यालय सरकारी भूमि पर बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से बनाया गया था।
- जनता की शिकायतें: स्थानीय नागरिकों ने इस दफ्तर के कारण होने वाले यातायात व्यवधान को लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत की थी।
- भीतरी गुटबाजी की चर्चा: राजनीतिक विश्लेषक इसे टीएमसी के भीतर चल रही आपसी खींचतान और गुटबाजी का नतीजा भी मान रहे हैं।
इस घटना के बाद बंगाल में एक बार फिर ‘बुलडोजर पॉलिटिक्स’ पर बहस तेज हो गई है। बीजेपी जहां इसे टीएमसी के दोहरे मापदंड का सबूत बता रही है, वहीं टीएमसी नेतृत्व इसे महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया बताकर मामले को शांत करने की कोशिश में जुटा है।
(Image Credit: abplive.com)





