भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने गहरे दबाव के चलते तटीय राज्यों में मूसलाधार बारिश और चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दोनों समुद्री क्षेत्रों में एक साथ मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से प्रायद्वीपीय और पश्चिमी भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस संभावित प्राकृतिक चुनौती को देखते हुए केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासनिक स्तर पर तटीय इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि जनजीवन पर कम से कम प्रभाव पड़े।
इन राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। समुद्र में उठ रही 45 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के चलते अलर्ट जारी किया गया है। मौसम के इस बदलते मिजाज और प्रशासनिक तैयारियों पर वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के मुताबिक, संवेदनशील जिलों में विशेष निगरानी चौकियां स्थापित कर दी गई हैं।
मौसम विभाग ने मुख्य रूप से निम्नलिखित राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है:
- तमिलनाडु और पुडुचेरी: तटीय इलाकों में मध्यम से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना।
- केरल और कर्नाटक: पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान।
- आंध्र प्रदेश और ओडिशा: बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी लहरों के असर से अलर्ट जारी।
- गुजरात और महाराष्ट्र: अरब सागर में सक्रिय डिप्रेशन के मद्देनजर तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा बल तैनात।
आपदा प्रबंधन सक्रिय: एनडीआरएफ और तटरक्षक बल तैयार
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के भारत के मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर प्रशासन किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) को संवेदनशील स्थानों पर पहले ही तैनात कर दिया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय स्थिति पर 24 घंटे नजर बनाए हुए है और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) समुद्र में मौजूद नावों और जहाजों को सुरक्षित तटों पर लौटने के लिए लगातार वायरलेस संदेश प्रसारित कर रहा है। सरकार की इस त्वरित कार्यशैली से तटीय आबादी में सुरक्षा का विश्वास बना हुआ है।
(Image Credit: abplive.com)






