उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना के तहत मैनपुरी में 552 बेटियों के परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जहां पारदर्शी सत्यापन के बाद सहायता राशि जारी की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटियों के सशक्तिकरण और गरीब परिवारों को संबल देने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में मैनपुरी जनपद में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विवाह अनुदान योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की सघन जांच पूरी की गई। प्रशासन ने पूरी निष्पक्षता और तत्परता दिखाते हुए 552 पात्र बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी है, जिससे उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।
जीरो टॉलरेंस नीति: अपात्र आवेदनों पर सख्त रुख
वॉइस ऑफ मैनपुरी के विशेष विश्लेषण के अनुसार, शासन की मंशा के अनुरूप योजना में बिचौलियों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। जांच प्रक्रिया के दौरान 195 आवेदनों को निरस्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल इसलिए उठाया गया ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही लाभ पहुंचे। यह प्रशासन की पारदर्शिता और सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
योजना से जुड़ी प्रमुख बातें:
- 552 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से सीधी सहायता भेजी गई।
- सत्यापन प्रक्रिया में खामियां और अपात्रता पाए जाने पर 195 आवेदन निरस्त किए गए।
- ऑनलाइन आवेदन प्रणाली से प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और बिचौलिया-मुक्त बनाई गई है।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों के विवाह के खर्च में इस योजना से बड़ी राहत मिल रही है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र नागरिक तक पहुंचाना ही प्राथमिकता है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का आवेदन तकनीकी त्रुटि के कारण अटका है, तो उसे भी नियमों के तहत समाधान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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