केंद्र सरकार ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है, जिससे देश के सैन्य सुधारों और रक्षा आधुनिकीकरण को अब और अधिक मजबूती मिलेगी।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी औपचारिक मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह (आईएएस: 1989 केरल कैडर) के सेवा विस्तार प्रस्ताव को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। रणनीतिक मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय देश की सुरक्षा नीति में निरंतरता और प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से बेहद महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा उत्पादन से जुड़े इन अहम फैसलों पर, वॉइस ऑफ मैनपुरी के प्रशासनिक विश्लेषण के अनुसार, केंद्र सरकार महत्वपूर्ण पदों पर योग्य और अनुभवी अधिकारियों के माध्यम से योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष बल दे रही है।
‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा सुधारों को मिलेगी नई धार
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत चल रहे कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में राजेश कुमार सिंह का अनुभव बेहद कारगर साबित हो रहा है। उनके नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय कई ऐतिहासिक पहलों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है:
- स्वदेशी रक्षा उत्पादन: मेक इन इंडिया के तहत घरेलू रक्षा विनिर्माण को तेजी से बढ़ावा देना।
- सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण: थल, नभ और जल सेना के लिए अत्याधुनिक हथियारों व तकनीक की समय पर खरीद सुनिश्चित करना।
- प्रशासनिक सुगमता: सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और थिएटर कमांड जैसी दूरगामी रणनीतियों को गति देना।
अनुभवी नेतृत्व पर केंद्र का अटूट भरोसा
राजेश कुमार सिंह इससे पहले उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में भी अपनी प्रशासनिक कुशलता का लोहा मनवा चुके हैं। सरकार के इस सकारात्मक कदम से स्पष्ट है कि प्रशासन रक्षा क्षेत्र में किसी भी तरह के नीतिगत ठहराव के बिना तेजी से ‘सशक्त और सुरक्षित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
(Image Credit: abplive.com)






