मैनपुरी प्रशासन ने सरकारी कार्य में ढिलाई बरतने पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो बीएलओ को सख्त चेतावनी दी है और एक लेखपाल को कारण बताओ नोटिस थमाया है।
कर्तव्य में लापरवाही पर त्वरित प्रशासनिक प्रहार
जनपद में सरकारी योजनाओं और निर्वाचन नामावली के पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों में शिथिलता सामने आने पर अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से यह अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है, ताकि जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर व्यवधान न आए।
अधिकारियों द्वारा तय की गई जवाबदेही
उत्तर प्रदेश सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सभी कर्मचारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यशैली अपनाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मतदाता सूची अपडेशन जैसे बेहद संवेदनशील कार्य में देरी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने मौके पर ही जवाबदेही तय की।
समीक्षा के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित कदम उठाए गए:
- दो बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को निर्धारित समयसीमा में काम पूरा न करने पर अंतिम चेतावनी दी गई।
- संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के पर्यवेक्षण में कमी पाए जाने पर स्पष्टीकरण मांगते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया।
- समस्त फील्ड कर्मचारियों को तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा करने का कड़ा निर्देश जारी हुआ।
पारदर्शिता और सुशासन को प्राथमिकता
अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि आम जनमानस की सुविधा और सरकारी प्रक्रियाओं की शुचिता सर्वोपरि है। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से जहां अन्य कर्मचारियों में सक्रियता बढ़ी है, वहीं जनता के बीच यह विश्वास भी मजबूत हुआ है कि व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए प्रशासन पूरी दृढ़ता और तत्परता के साथ धरातल पर काम कर रहा है।
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