उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बेवर कुसमरा किशनी मार्ग अब हादसों का नया सबब बन गया है, जहां प्रशासन ने आधा दर्जन से अधिक अति-संवेदनशील खूनी ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर अलर्ट जारी किया है।
स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की ढिलाई के चलते इस मार्ग पर चलने वाले राहगीरों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे रूट पर साइन बोर्ड की कमी, तीखे अंधे मोड़ और अवैध कटों की वजह से लगातार भीषण सड़क हादसे हो रहे हैं, जिसमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
इन जगहों पर मंडरा रहा है सबसे ज्यादा खतरा
यातायात पुलिस और प्रशासनिक सर्वे के बाद इस व्यस्त मार्ग पर कुछ ऐसे पॉइंट्स को चिह्नित किया गया है जिन्हें ‘डेथ जोन’ या ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। इन स्थानों पर वाहन चलाते समय आपको विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है:
- बेवर कस्बा एंट्री पॉइंट: यहां बिना किसी चेतावनी बोर्ड के अचानक आने वाले वाहन अक्सर बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
- कुसमरा बाईपास तिराहा: इस व्यस्त चौराहे पर अंधा मोड़ होने के कारण भारी वाहनों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत का खतरा हमेशा बना रहता है।
- किशनी मार्ग का संकरा पुल: बेहद तंग और जर्जर हालत में होने के कारण रात के समय यहाँ से गुजरना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
- समान पक्षी विहार मोड़: वन्यजीव क्षेत्र के पास होने और सड़कों पर पर्याप्त रोशनी न होने से रात और कोहरे में यहाँ विजिबिलिटी शून्य हो जाती है।
आखिर क्यों मौत का जाल बन गया है यह मार्ग?
स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि मैनपुरी-किशनी हाईवे के इस हिस्से पर सड़कों की मरम्मत का काम लंबे समय से लंबित है। सड़कों के बीचों-बीच बने गहरे गड्ढे और रात के समय रिफ्लेक्टर लाइट व स्ट्रीट लाइट्स का न होना इस खतरे को दोगुना कर देता है। प्रशासनिक अमले ने कागजों पर तो इन डेंजर जोन्स को चिह्नित कर लिया है, लेकिन धरातल पर सुरक्षात्मक बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सुरक्षित सफर के लिए इन गाइडलाइंस का करें पालन
यदि आप भी बेवर-कुसमरा-किशनी मार्ग से सफर करने वाले हैं, तो इन आवश्यक सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें:
हमेशा अपनी निर्धारित लेन में चलें और गति सीमा (Speed Limit) को नियंत्रित रखें। रात के समय हाई-बीम लाइट का उपयोग करने से बचें ताकि सामने से आ रहे वाहन चालक को देखने में परेशानी न हो। मोड़ों पर ओवरटेक करने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि थोड़ी सी जल्दबाजी आपकी जान पर भारी पड़ सकती है।
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