राहुल गांधी ने देश में जारी पेपर लीक कांड पर केंद्र सरकार को घेरते हुए परीक्षाओं का ‘रेट कार्ड’ जारी कर युवाओं के भविष्य की नीलामी का बड़ा आरोप लगाया है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के युवाओं से जुड़े बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में योग्य छात्रों का भविष्य चंद पैसों के लालच में माफियाओं के हाथों बेचा जा रहा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर उजागर किया ‘रेट कार्ड’
राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया कि आज देश के युवाओं को अपनी मेहनत पर नहीं, बल्कि अपनी जेब पर भरोसा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लीक हुए पेपरों की कथित कीमतें साझा करते हुए देश को हैरान कर दिया है। राहुल गांधी के अनुसार, देश में चल रहे इस खेल में हर परीक्षा का एक तय रेट है:
- NEET-UG पेपर लीक: राहुल गांधी के मुताबिक, मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पेपर ₹30 लाख से ₹35 लाख तक में बेचा गया।
- यूपी पुलिस सिपाही भर्ती: इस परीक्षा के पेपर का सौदा कथित तौर पर ₹1.5 लाख से ₹2 लाख के बीच हुआ।
- आरओ/एआरओ (RO/ARO) परीक्षा: समीक्षा अधिकारी परीक्षा का पेपर लीक करने के लिए ₹15 लाख तक की मांग की गई।
- शिक्षक भर्ती परीक्षा (UP TET/REET): युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए इसके पेपर ₹10 लाख से ₹12 लाख में बिके।
“यह युवाओं के सपनों की खुली नीलामी है”
कांग्रेस नेता ने कहा कि दिन-रात पढ़ाई करने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे सालों तक तपस्या करते हैं, लेकिन अंत में उनका हक वह रसूखदार मार ले जाते हैं जिनके पास करोड़ों रुपये हैं। राहुल गांधी ने इसे ‘व्यापम का राष्ट्रीयकरण’ करार दिया है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को खत्म करने के लिए संसद में ठोस कानून लाया जाए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
(Image Credit: abplive.com)






