कश्मीर के लाल चौक से लेकर गुजरात के सीमावर्ती इलाकों तक पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है। केंद्र सरकार की ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम को आम नागरिकों का ऐतिहासिक समर्थन मिल रहा है।
कश्मीर से गुजरात तक दिखा राष्ट्रभक्ति का अनोखा संगम
देश के कोने-कोने में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने हाथों में राष्ट्रध्वज थामकर एकता का संदेश दिया। वहीं गुजरात के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षाबलों और आम जनता ने मिलकर विशाल रैलियां निकालीं। प्रशासनिक तत्परता और सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के बीच यह आयोजन बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हो रहे हैं।
जैसा कि वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट में भी रेखांकित किया गया है, इस बार का राष्ट्रव्यापी उत्सव केवल एक औपचारिकता न होकर ‘नए भारत’ के आत्मविश्वास और सामूहिक संकल्प का जीवंत प्रतीक बन गया है। उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में प्रशासन ने हर घर तक तिरंगा पहुंचाने के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
देशव्यापी उत्सव के प्रमुख आकर्षण:
- घाटी में अमन और विकास की बयार: जम्मू-कश्मीर में रिकॉर्ड संख्या में युवाओं और महिलाओं ने तिरंगा फहराकर मुख्यधारा के विकास में अपनी आस्था जताई।
- गुजरात के तटों से गूंजा जयघोष: कच्छ से लेकर सूरत तक विशाल बाइक रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन हुआ।
- सशक्त प्रशासनिक समन्वय: केंद्र एवं राज्य सरकारों के बेहतर तालमेल से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में भी राष्ट्रभक्ति का संचार हुआ।
विकास और सुरक्षा के भरोसे पर टिका नया भारत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे राष्ट्रव्यापी अभियानों से आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक समरसता को नई मजबूती मिलती है। जहां कुछ समय पूर्व तक कश्मीर जैसे क्षेत्रों में चुनौतियां थीं, वहीं आज सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति के चलते वहां का वातावरण पूरी तरह उत्सवमय और सुरक्षित हो चुका है। पूरा देश अब आत्मनिर्भर भारत के विजन के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है।
(Image Credit: abplive.com)






