जमीन बैनामा (Registry) प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर किसानों ने अपनी मांग उठाई है, जिस पर स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है।
किसानों की समस्याओं पर प्रशासन का सकारात्मक रुख
तहसील एवं रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में किसानों ने बैनामा प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर अपनी बात रखी। किसानों का कहना था कि सर्वर और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते रजिस्ट्री कराने में समय लग रहा है। मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर किसानों से बातचीत की और व्यवस्था को सुचारू बनाने के निर्देश जारी किए।
वॉइस ऑफ मैनपुरी के विशेष समाचार के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा रजिस्ट्री प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए डिजिटल पहलों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में ई-पंजीयन व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के लिए जमीनी स्तर पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी किसान अथवा नागरिक को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक कदम
अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके तहत निम्नलिखित प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं:
- अतिरिक्त काउंटरों की व्यवस्था: रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ नियंत्रण और तेज कार्यप्रणाली के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।
- तकनीकी सुधार: सर्वर और डिजिटल पोर्टल की गति को दुरुस्त करने के लिए आईटी टीम को सक्रिय किया गया है।
- टोकन प्रणाली का सुदृढ़ीकरण: किसानों को बिना किसी परेशानी के निर्धारित समय पर बैनामा कराने की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है।
पारदर्शिता और विकास की दिशा में तेजी से बढ़ते कदम
प्रशासनिक अधिकारियों के त्वरित हस्तक्षेप और संवेदनशील रवैये के बाद किसानों ने संतोष व्यक्त किया। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों और अन्नदाताओं को सरकारी सेवाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ मिले। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बैनामा प्रक्रिया को पूरी तरह निर्बाध बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं।
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