नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रामक प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। पुलिस द्वारा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद, वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार केंद्र सरकार के समक्ष पार्टी ने 6 प्रमुख मांगें रखी हैं। इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक घटनाक्रम से राजधानी दिल्ली में हड़कंप मच गया है।
7 लोक कल्याण मार्ग पर घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। जब कार्यकर्ता आगे बढ़ने पर अड़े रहे, तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई वरिष्ठ सांसदों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
सरकार के सामने रखी गई ये 6 मुख्य मांगें
प्रदर्शन समाप्त करने से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए अपनी 6 सूत्रीय मांगों का पत्र जारी किया:
- महंगाई पर तुरंत रोक: अनिवार्य वस्तुओं और ईंधन की बढ़ती कीमतों पर तत्काल अंकुश लगाया जाए।
- युवाओं के लिए रोजगार: सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को भरने की समयबद्ध योजना बने।
- किसान एमएसपी गारंटी: सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का कानूनी अधिकार दिया जाए।
- जातीय जनगणना: देश भर में पारदर्शी तरीके से राष्ट्रीय जातीय जनगणना कराई जाए।
- केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बंद हो: ED, CBI और IT जैसी जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल पर रोक लगे।
- संसदीय चर्चा: जनहित से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर संसद में बिना रुकावट के विस्तृत चर्चा की अनुमति दी जाए।
कस्टडी के बाद विपक्ष का आक्रामक रुख
पुलिस वैन में बैठाए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि जनता की आवाज दबाने के लिए सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन कांग्रेस झुकने वाली नहीं है। वहीं प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
फिलहाल सुरक्षा बलों ने 7 लोक कल्याण मार्ग और आसपास के इलाकों को पूरी तरह से खाली करा लिया है, लेकिन इस घटनाक्रम ने देश की भावी राजनीति का पारा जरूर चढ़ा दिया है।
(Image Credit: abplive.com)






