मैनपुरी में पेपर लीक और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ पूर्व सैनिकों और छात्रों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने सख्त कार्रवाई की मांग की। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों ने अब छात्रों के अधिकारों के लिए मोर्चा संभाल लिया है।
छात्रों के समर्थन में उतरे पूर्व सैनिक
मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार होते पेपर लीक घोटालों से लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। कड़ी मेहनत करने के बावजूद युवाओं को निराशा हाथ लग रही है। इस स्थिति से आक्रोशित होकर पूर्व सैनिकों ने छात्रों के कंधे से कंधा मिलाकर काली पट्टी बांध विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें:
- निष्पक्ष जांच: हाल ही में रद्द हुई प्रतियोगी परीक्षाओं और लीक प्रकरणों की उच्चस्तरीय जांच की जाए।
- नकल माफिया पर शिकंजा: पेपर लीक में शामिल दोषियों और माफियाओं पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- समयबद्ध पारदर्शी भर्तियां: सभी सरकारी विभागों में पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।
- छात्रों को राहत: परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों का यात्रा भत्ता और परीक्षा शुल्क माफ किया जाए।
कड़ा रुख: बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन ने छात्रों के मुद्दों का जल्द समाधान नहीं निकाला, तो यह आंदोलन केवल मैनपुरी तक सीमित नहीं रहेगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनके हक की लड़ाई के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। प्रदर्शन के अंत में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
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