डिजिटल युग में वित्तीय सुरक्षा को नया कवच: PM मोदी ने किया RBI के हाई-टेक डेटा सेंटर का शुभारंभ, बोले- ‘गरीबों का स्वाभिमान ही सर्वोच्च प्राथमिकता’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन कर देश के वित्तीय तंत्र को अभेद्य डिजिटल सुरक्षा कवच प्रदान किया।

देश के बैंकिंग और वित्तीय ढांचे को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर और एंटरप्राइज कंप्यूटिंग व साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की हर नीति और तकनीकी नवाचार का असल मकसद समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीबों को सम्मान और सुरक्षा देना है।

डिजिटल इंडिया से वित्तीय समावेशन का नया दौर

वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत आज वित्तीय प्रौद्योगिकी (Fintech) के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। जनधन, आधार और मोबाइल (JAM ट्रिनिटी) ने देश के करोड़ों गरीबों को सीधे बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि जब एक गरीब व्यक्ति बिना किसी बिचौलिए के सीधे अपने खाते में सरकारी योजनाओं का लाभ पाता है, तो यह केवल आर्थिक मदद नहीं बल्कि उसके आत्मसम्मान की गारंटी बन जाती है।

आरबीआई के नए डेटा सेंटर की प्रमुख विशेषताएं:

  • अभेद्य साइबर सुरक्षा: देश के बैंकिंग नेटवर्क को आधुनिक साइबर हमलों से बचाने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन फायरवॉल और एआई-संचालित मॉनिटरिंग सिस्टम।
  • डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty): नागरिकों के संवेदनशील वित्तीय डेटा को देश की सीमाओं के भीतर पूर्ण रूप से सुरक्षित रखने की व्यवस्था।
  • ग्रीन टेक्नोलॉजी: यह आधुनिक डेटा सेंटर पर्यावरण-अनुकूल हरित ऊर्जा मानकों पर आधारित है, जिससे ऊर्जा की खपत न्यूनतम होगी।
  • उन्नत प्रशिक्षण केंद्र: बैंकिंग अधिकारियों को साइबर सुरक्षा की नई चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वस्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी।

चुनौतियों को अवसर में बदल रही सरकार

वैश्विक स्तर पर डिजिटल फ्रॉड और डेटा चोरी के बढ़ते खतरों के बीच, सरकार ने रक्षात्मक रुख अपनाने के बजाय सक्रिय दृष्टिकोण अपनाया है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को एक बड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने समय रहते यह मजबूत ढांचा तैयार किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई का यह नया केंद्र न केवल यूपीआई (UPI) और नेट बैंकिंग को अधिक सुरक्षित बनाएगा, बल्कि वैश्विक निवेशकों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत का लक्ष्य केवल आधुनिक तकनीक को अपनाना नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी के जरिए प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुगम, सुरक्षित और गरिमामय बनाना है।

(Image Credit: abplive.com)

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