प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के बाद देश भर में सियासी पारा चढ़ गया है। इस घटनाक्रम पर ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी चीफ नवीन पटनायक का तीखा रिएक्शन सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक बताया है।
नवीन पटनायक का कड़ा रुख, दिया ये बड़ा बयान
विपक्ष के वरिष्ठ नेता नवीन पटनायक ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में जनप्रतिनिधियों और विपक्ष की आवाज को इस तरह दबाना उचित नहीं है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के मुताबिक, उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है।
नवीन पटनायक ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “राहुल गांधी को हिरासत में लिया जाना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि उनकी आवाज को बंद करना चाहिए।”
जानिए क्यों दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी को लिया हिरासत में?
आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी देश के कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में राहुल गांधी अपने समर्थकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास (PM Residence) के बाहर धरने पर बैठ गए थे। सुरक्षा कारणों और धारा 144 का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें और कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।
मामले से जुड़ी मुख्य बातें:
- पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन: कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
- पुलिसिया कार्रवाई: सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर राहुल गांधी समेत कई सांसदों को बस में भरकर हिरासत में भेजा गया।
- नवीन पटनायक का बयान: बीजेडी सुप्रीमो ने इस कार्रवाई को ‘बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया।
- विपक्षी एकजुटता: घटना के बाद देश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और कई क्षेत्रीय दलों ने पुलिस एक्शन की निंदा की है।
विपक्ष हुआ एकजुट, सरकार पर बढ़ा दबाव
नवीन पटनायक के इस बयान के बाद सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। आमतौर पर कई राष्ट्रीय मुद्दों पर तटस्थ रहने वाले पटनायक का राहुल गांधी के समर्थन में आना केंद्र सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। इस घटना के बाद से ही दिल्ली सहित पूरे देश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
(Image Credit: abplive.com)






