भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अस्पताल पहुंचने पर नया सियासी बवंडर खड़ा हो गया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी के अनुसार, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के विवादित बयान ‘भेड़िये से भेड़ की मुलाकात’ ने देश के राजनीतिक पारे को अचानक बढ़ा दिया है।
अस्पताल दौरे के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान
हाल ही में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, जब भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा घायलों का हाल-चाल जानने अस्पताल पहुंचे, तो माहौल शांत होने की बजाय और ज्यादा गरमा गया। उनके इस दौरे को लेकर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बेहद तीखा और हमलावर रुख अपनाया।
अभिजीत दीपके ने इस दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक विवादित उपमा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस मुलाकात की तुलना “भेड़िये की भेड़ से मुलाकात” से कर दी, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक जबरदस्त बहस छिड़ गई है।
मामले की मुख्य बातें और विवाद के कारण:
- अभिजीत दीपके का तीखा हमला: CJP संस्थापक ने जेपी नड्डा के इस दौरे को संवेदनहीनता और राजनीतिक स्टंट करार दिया।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: विरोध प्रदर्शन और तनाव की स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
- भाजपा का पलटवार: भाजपा समर्थकों और प्रवक्ताओं ने इस बयान को अमर्यादित बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
राजनीतिक गलियारों में शुरू हुआ वार-पलटवार
अभिजीत दीपके के इस बयान के सामने आते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि एक वरिष्ठ मंत्री का संवेदनशीलता दिखाते हुए मरीजों और घायलों का हाल-चाल पूछना एक जिम्मेदारी भरा कदम है। वहीं दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी गुटों का आरोप है कि यह दौरा सिर्फ राजनीतिक छवि सुधारने की एक कोशिश है।
(Image Credit: abplive.com)






