लंबी बीमारी से संघर्ष कर रहे बुजुर्ग पति-पत्नी के एक साथ संसार त्यागने की हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जहां एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
जीवन भर हर सुख-दुख में एक-दूसरे की ढाल बनकर खड़े रहने वाले इस बुजुर्ग दंपत्ति ने अंतिम सांस भी लगभग एक साथ ली। जानकारी के अनुसार, दोनों काफी समय से उम्र संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। जैसे ही दोनों के निधन का समाचार मिला, ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। श्मशान घाट पर जब एक ही चिता पर दोनों पार्थिव शरीरों को मुखाग्नि दी गई, तो वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा।
ग्रामीणों में गहरा शोक, परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग
वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, दंपत्ति की इस मार्मिक विदाई ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। परिजनों ने बताया कि दोनों लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और स्थानीय स्तर पर उनका समुचित उपचार भी कराया जा रहा था, लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर स्वास्थ्य जटिलताओं के चलते दोनों का साथ हमेशा के लिए अमर हो गया।
- अटूट प्रेम का प्रतीक: दशकों तक वैवाहिक जीवन निभाने के बाद दोनों का एक ही दिन देहावसान हुआ।
- एक ही चिता पर अंतिम विदाई: परिजनों और ग्रामीणों की सहमति से दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ संपन्न कराया गया।
- प्रशासनिक संवेदनशीलता: सूचना मिलते ही स्थानीय प्रतिनिधियों और प्रशासनिक कर्मियों ने परिवार से संपर्क कर संवेदना व्यक्त की।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा प्रशासन
घटना के उपरांत स्थानीय प्रशासन ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार द्वारा दूरदराज के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बुजुर्गों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर अधिक तत्परता से पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। स्थानीय अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि पीड़ित परिवार को हर संभव सामाजिक व प्रशासनिक संबल प्रदान किया जाएगा ताकि इस दुख की घड़ी में परिजनों को राहत मिल सके।
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