मैनपुरी: स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद मैनपुरी के ग्रामीण अंचलों को कचरा मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत रिसोर्स रिकवरी एवं गारबेज कलेक्शन सेंटर (GCC) के संचालन का महाअभियान तेज कर दिया है। इस पहल से अब गांवों में शहरों की तर्ज पर नियमित डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन सुनिश्चित होगा।
ग्रामीण स्वच्छता को मिलेगी नई गति
योगी सरकार की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता तंत्र को मजबूत करने के लिए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार की गई कार्ययोजना के तहत अब हर ग्राम पंचायत में बने जीसीसी केंद्रों को पूरी क्षमता के साथ क्रियाशील किया जा रहा है, जिससे लंबे समय से गांवों में जमा कूड़े के ढेरों की समस्या का स्थायी समाधान निकलेगा।
जीसीसी परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- डोर-टू-डोर कूड़ा उठान: स्वच्छता मित्रों द्वारा ई-रिक्शा और स्वच्छता वाहनों के जरिए घर-घर से गीला और सूखा कचरा एकत्र किया जाएगा।
- कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण: एकत्र किए गए कचरे को जीसीसी सेंटर पर लाकर अलग किया जाएगा, जिससे जैविक खाद और रीसाइकिलेबल सामग्री तैयार होगी।
- पर्यावरण एवं स्वास्थ्य सुधार: खुले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी, जिससे मौसमी बीमारियों और संक्रमण के खतरों में भारी कमी आएगी।
- स्वयं सहायता समूहों को रोजगार: इन केंद्रों के रखरखाव और खाद निर्माण की प्रक्रिया में स्थानीय महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक तत्परता से बदलेगी गांवों की तस्वीर
जिला प्रशासन ने सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) और ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि वे जीसीसी केंद्रों की नियमित निगरानी करें। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर को आधुनिक और गरिमापूर्ण बनाने की दिशा में सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है। ग्रामीणों में भी इस व्यवस्था को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है और वे ‘स्वच्छ गांव, समृद्ध गांव’ के संकल्प को साकार करने में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
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