मैनपुरी: जिले में एक झोलाछाप के गलत उपचार से मासूम बच्ची की दुखद मौत के मामले में पुलिस एवं स्वास्थ्य प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए व्यापक जांच और विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीड़ित परिजनों की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच आगे बढ़ाई। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा अब ग्रामीण अंचलों में बिना पंजीकरण चल रहे फर्जी क्लीनिकों पर सख्त निगरानी रखने और प्रभावी कदम उठाने की तैयारी में है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और कड़े निर्देश
घटना के सामने आते ही अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत है:
- त्वरित पुलिस कार्रवाई: परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।
- स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता: मुख्य चिकित्सा अधिकारी के स्तर से क्षेत्र में अवैध चिकित्सा गतिविधियों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
- कड़े कानूनी कदम: अनाधिकृत रूप से क्लिनिक संचालित करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त अभियान चलाने की योजना है।
प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और आमजन को सुरक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के संकल्प के तहत, स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी गैर-मान्यता प्राप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की पहुंच को और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है ताकि लोगों को सही इलाज मिल सके।
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