सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा कदम: असम में बच्चों की सुरक्षा को मिला कानूनी कवच, कैबिनेट ने 9 ऐतिहासिक प्रस्तावों पर लगाई मुहर

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असम कैबिनेट के बड़े फैसले: मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की अगुवाई में असम कैबिनेट ने ऐतिहासिक राज्य बाल संरक्षण नीति समेत 9 क्रांतिकारी विकास प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।

राज्य सरकार ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सुरक्षा को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से कई युगांतरकारी निर्णय लिए हैं। वॉइस ऑफ मैनपुरी के विशेष विश्लेषण के अनुसार, सरकार का यह कदम राज्य में बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

बाल संरक्षण नीति 2024: बच्चों के सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव

कैबिनेट बैठक में सबसे प्रमुख फैसला असम राज्य बाल संरक्षण नीति 2024 को लागू करना रहा। इसके तहत राज्य के हर बच्चे को शोषण, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी कुरीतियों से पूरी तरह मुक्त कर एक सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण देने की व्यवस्था की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कमजोर और संकटग्रस्त पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों की देखरेख, शिक्षा और पुनर्वास के लिए तंत्र को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त किया जाएगा।

असम कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रमुख विकास योजनाएं

प्रशासन ने जनहित और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए नौ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी सहमति दर्ज की है:

  • बाल अधिकारों का संरक्षण: बाल संरक्षण नीति के जरिए कानूनी और सामाजिक सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना।
  • बुनियादी ढांचे का विस्तार: ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नई सड़क और ब्रिज परियोजनाओं को गति।
  • प्रशासनिक सुगमता: नागरिक सेवाओं को सरल और डिजिटल माध्यम से समयबद्ध तरीके से जनता तक पहुंचाना।
  • औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन: राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों को विशेष रियायतें।
  • संस्कृति एवं पर्यटन विकास: ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों के आधुनिकीकरण के लिए बजट प्रावधानों को मंजूरी।

सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर असम

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जन-आकांक्षाओं के अनुरूप निर्णय ले रही है। चुनौतियों को अवसरों में बदलते हुए सरकार ने यह सिद्ध किया है कि त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन ही वास्तविक सुशासन की पहचान है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 9 बड़े फैसलों से असम में समावेशी विकास को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।

(Image Credit: abplive.com)

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