मैनपुरी में खाद्य सुरक्षा विभाग की मुस्तैदी से रोडवेज बस से संदिग्ध दूषित खोआ जब्त किया गया। जनस्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन अब मिलावटखोरों की तलाश में जुटा है।
उत्तर प्रदेश सरकार की मिलावटखोरी के खिलाफ जारी सख्त ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत मैनपुरी जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में मैनपुरी डिपो की एक रोडवेज बस से लावारिस हालत में भारी मात्रा में संदिग्ध खोआ बरामद कर जब्त किया गया। हालांकि, मौके पर खेप का कोई दावेदार सामने नहीं आया, लेकिन सतर्क अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस असुरक्षित सामग्री को जनस्वास्थ्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।
वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि त्योहारों और सामान्य आपूर्ति की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व सार्वजनिक परिवहन का दुरुपयोग कर मिलावटी सामग्री खपाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस की जांच की और खोए के नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन मुस्तैद
अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में खोए के असली मालिक या तस्कर की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन परिवहन निगम के कर्मियों और बस कंडक्टर से पूछताछ कर सुराग जुटाए जा रहे हैं। योगी सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कड़े कदमों के मुख्य बिंदु:
- नमूनों की त्वरित जांच: जब्त किए गए खोए के सैंपल को राजकीय लैब में भेजा गया है ताकि मिलावट के स्तर का सटीक पता चल सके।
- सीसीटीवी और टिकटिंग रिकॉर्ड: बस स्टैंड और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पार्सल चढ़ाने वाले संदिग्धों को चिन्हित किया जा सके।
- सघन चेकिंग अभियान: जिले की सीमाओं और रोडवेज बसों में अचानक औचक निरीक्षण तेज कर दिया गया है।
स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य आपूर्ति के प्रति प्रतिबद्धता
जनपद में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई प्रशासनिक सजगता का प्रमाण है। जहां कुछ मुनाफाखोर नियम कायदों को दरकिनार करने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अमला पूरी सक्रियता के साथ इन चुनौतियों से निपट रहा है। अधिकारियों ने आम नागरिकों और व्यापारियों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध खाद्य सामग्री के परिवहन की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय रहते सख्त विधिक कार्रवाई की जा सके।
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