मैनपुरी में ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर कांग्रेस के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पुतला दहन कर राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर युवाओं का गुस्सा चरम पर देखने को मिला। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नगर के प्रमुख चौराहे पर एकत्रित होकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ देश की अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक है, जिसके प्रति किसी भी प्रकार का अनादर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में उठी आवाज
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश का युवा अब राष्ट्र प्रथम (Nation First) की भावना से ओत-प्रोत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और प्रदेश में राष्ट्रवादी सोच और विकास की राजनीति को प्राथमिकता मिल रही है। ऐसे समय में राष्ट्रीय प्रतीकों पर होने वाले किसी भी विवाद को युवा वर्ग कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
भाजयुमो नेताओं ने इस बात पर बल दिया कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए राष्ट्रगीत का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
प्रदर्शन के मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रगीत का सम्मान: कार्यकर्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम की ऊर्जा रहा है और इसका आदर हर नागरिक का कर्तव्य है।
- अनुशासित विरोध: युवा मोर्चा ने लोकतांत्रिक दायरे में रहते हुए अपनी बात रखी और प्रशासन को जनभावनाओं से अवगत कराया।
- एकजुटता का संदेश: मैनपुरी के युवाओं ने विकास, राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता की दिशा में सकारात्मक प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रित रखा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विरोध केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में राष्ट्रप्रेम और विकासोन्मुखी राजनीति के प्रति युवाओं के बढ़ते जुड़ाव को भी दर्शाता है।
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