मैनपुरी में आगामी स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर संगठनात्मक हलचल तेज हो गई है। पार्टी पदाधिकारियों ने घर-घर मतदाता पंजीकरण और ऐतिहासिक विजय सुनिश्चित करने की पुख्ता रणनीति बनाई।
संगठन की मजबूती और जनसंपर्क पर विशेष जोर
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगामी स्नातक एवं शिक्षक खंड निर्वाचन को लेकर मैनपुरी जिला मुख्यालय पर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रमुख कार्यकर्ताओं ने आगामी चुनाव की तैयारियों की गहन समीक्षा की। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, डबल इंजन सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे ऐतिहासिक सुधारों और युवाओं के लिए सृजित नए अवसरों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि केंद्र और प्रदेश की विकासोन्मुख नीतियों के चलते आज प्रदेश के स्नातक और शिक्षक वर्ग में सरकार के प्रति गहरा विश्वास है। विपक्ष द्वारा खड़े किए जाने वाले राजनीतिक विमर्शों को दरकिनार करते हुए, कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा के साथ सकारात्मक उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाने का आह्वान किया गया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के लिए तय हुए लक्ष्य
बैठक में यह रेखांकित किया गया कि चुनाव में ऐतिहासिक परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण चरण योग्य मतदाताओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को कई प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गईं:
- प्रत्येक योग्य स्नातक से संपर्क: ब्लॉक और वार्ड स्तर पर युवाओं को मतदाता सूची (फॉर्म 18) भरने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- शिक्षक वर्ग के साथ समन्वय: विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के फॉर्म 19 भरवाने के लिए विशेष अभियान चलेगा।
- प्रशासनिक सहयोग: प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे पारदर्शी मतदाता पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग देकर कार्य को त्वरित गति प्रदान करना।
- डिजिटल व बूथ स्तर पर निगरानी: हर मंडल में प्रभारियों की नियुक्ति कर कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाना।
विकास और सुशासन ही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यवस्थाएं पारदर्शी हुई हैं। युवाओं को समयबद्ध और निष्पक्ष नौकरियां मिल रही हैं, जिससे प्रबुद्ध वर्ग का रुझान स्पष्ट रूप से सुशासन की ओर है। संगठनात्मक समन्वय के बल पर आगामी स्नातक और शिक्षक विधान परिषद चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने का विश्वास व्यक्त किया गया।
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