मैनपुरी कृषि उपज मंडी में धान की ऐतिहासिक 80 हजार कुंतल आवक दर्ज की गई। किसानों के भारी उत्साह के बीच प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए व्यवस्था को तुरंत संभाला।
जिले में इस बार धान की बेहतर पैदावार और सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते किसान अपनी उपज लेकर सीधे मंडी पहुंच रहे हैं। भारी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पहुंचने से नवीन मंडी स्थल के मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। हालांकि, स्थिति को भांपते हुए मंडी समिति और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
किसानों के भरोसे से उमड़ी भारी भीड़
वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य और त्वरित भुगतान प्रणाली के कारण अन्नदाताओं का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। एक ही दिन में करीब 80 हजार कुंतल धान पहुंचने से मंडी यार्ड पूरी तरह भर गया। इस अभूतपूर्व आवक को प्रशासन ने एक सकारात्मक संकेत के रूप में लिया और खरीद प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश जारी किए।
प्रशासन द्वारा उठाए गए त्वरित कदम
आवागमन को सुगम बनाने और किसानों को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- ट्रैफिक डायवर्जन व अतिरिक्त पुलिस बल: जीटी रोड और मंडी गेट के पास अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात कर वाहनों को कतारबद्ध कराया गया।
- टोकन प्रणाली की व्यवस्था: ट्रॉलियों के व्यवस्थित प्रवेश के लिए गेट पर त्वरित टोकन वितरण शुरू किया गया ताकि जाम न लगे।
- कांटों की संख्या में वृद्धि: तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक कांटे सक्रिय किए गए हैं।
- सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं: रात में रुकने वाले किसानों के लिए अलाव, पेयजल और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
अन्नदाताओं के हित में निरंतर सक्रिय तंत्र
मंडी सचिव एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि धान की भारी आवक से उत्पन्न हुई चुनौतियों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। खरीद केंद्रों पर व्यापारियों और आढ़तियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उपज की तौल और उठान में कतई देरी न हो, जिससे किसानों को समय पर भुगतान मिल सके और मंडी में सुगम आवागमन बना रहे।
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