मैनपुरी: जिले के घिरोर क्षेत्र अंतर्गत मढ़न गांव में बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से एक पशुपालक की भैंस की अकाल मृत्यु हो गई। इस दुखद हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और ऊर्जा विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर लाइन की मरम्मत और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे के बाद हरकत में आया प्रशासन
मढ़न गांव में हुई इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने विद्युत लाइनों के रखरखाव में सुधार की मांग की थी। शासन और ऊर्जा विभाग की ओर से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत विभागीय टीम को मौके पर भेजा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण अंचलों में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता है, और किसी भी तरह की तकनीकी खामी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए उठाए गए कदम
ऊर्जा विभाग की टीम ने क्षेत्र के सभी विद्युत खंभों और जर्जर तारों का गहन निरीक्षण शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं को पूरी तरह रोका जा सके। सरकार द्वारा चलाए जा रहे बिजली सुधार अभियानों के तहत बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने का काम तेजी से जारी है।
- तत्वरित मेंटेनेंस: प्रभावित पोल और आसपास की लाइनों की तुरंत मरम्मत की जा रही है।
- सुरक्षा ऑडिट: पूरे घिरोर क्षेत्र में जर्जर खंभों और अर्थिंग की जांच का अभियान शुरू किया गया है।
- सहायता प्रक्रिया: पीड़ित पशुपालक को सरकारी नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर जोर
राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिजली तंत्र के आधुनिकीकरण के लिए चल रही योजनाओं से जल्द ही ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान हो जाएगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की लीक या खुले तारों की सूचना तुरंत हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई की जा सके।
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