इंटरनेट पर ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ ऑफर के नाम पर चल रहे साइबर स्कैम से सावधान रहें। सोशल मीडिया और फर्जी ऐप्स के जरिए साइबर ठग लोगों को बड़े मुनाफे और साथी दिलाने का लालच देकर उनके बैंक खाते खाली कर रहे हैं।
कैसी होती है ठगी? समझिए ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ का मायाजाल
डिजिटल युग में जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं साइबर अपराधी भी नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और विभिन्न डेटिंग ऐप्स पर ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ (Rent a Boyfriend) का ट्रेंड देखा जा रहा है। ठग दावा करते हैं कि लड़कियां या महिलाएं समय बिताने के लिए लड़कों को किराए पर लेती हैं और इसके बदले प्रति घंटा हजारों रुपये का भुगतान किया जाता है।
इस लालच में आकर जब युवा इन वेबसाइटों या पेजों पर रजिस्ट्रेशन करते हैं, तो उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल वेरिफिकेशन, क्लब मेंबरशिप और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर पैसे ऐंठ लिए जाते हैं। पैसे ट्रांसफर होते ही ठग अपना नंबर बंद कर लेते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट्स ब्लॉक कर देते हैं।
सरकार और साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों की साइबर पुलिस एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हैं। जैसे कि वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट में भी लगातार डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जाता रहा है, प्रशासन इस तरह के गिरोहों का भंडाफोड़ करने के लिए लगातार छापेमारी और तकनीकी निगरानी कर रहा है। गृह मंत्रालय के ‘साइबर दोस्त’ (CyberDost) पहल के तहत नागरिकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है ताकि वे ऐसे विज्ञापनों के झांसे में न आएं।
साइबर ठगी से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स:
- अज्ञात लिंक से बचें: किसी भी अनजान सोशल मीडिया विज्ञापन या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें।
- पैसे मांगने वालों से दूरी: नौकरी, पार्ट-टाइम काम या डेटिंग सर्विस के लिए एडवांस पैसे मांगने वाली किसी भी स्कीम पर भरोसा न करें।
- व्यक्तिगत जानकारी न बांटें: अपनी बैंक डिटेल्स, आधार कार्ड, पैन कार्ड या ओटीपी (OTP) किसी के साथ शेयर न करें।
- सत्यापन करें: किसी भी सर्विस को जॉइन करने से पहले उसकी आधिकारिक और कानूनी विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।
ठगी होने पर कहां करें शिकायत?
डिजिटल इंडिया मिशन के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि आप या आपका कोई परिचित इस प्रकार की किसी साइबर ठगी का शिकार होता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना से डूबी हुई रकम को फ्रीज कराने में मदद मिलती है।
(Image Credit: abplive.com)






