मैनपुरी संपत्ति विवाद: मैनपुरी जिले में पारिवारिक विरोध और भारी हंगामे के बीच एक बीमार बुजुर्ग द्वारा अपनी जमीन का बैनामा करने का मामला गरमा गया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के मुताबिक, जैसे ही परिजनों ने इस रजिस्ट्री का विरोध शुरू किया, स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया।
प्रशासनिक सतर्कता से टला विवाद
मैनपुरी के तहसील परिसर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक बीमार पिता द्वारा जमीन का बैनामा करने की भनक उनके परिजनों को लगी। परिजनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, उत्तर प्रदेश शासन की पारदर्शी और मुस्तैद व्यवस्था के तहत राजस्व अधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने बुजुर्ग के स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और उनकी स्वतंत्र सहमति की गहन जांच की, ताकि कानून के दायरे में ही सभी कार्य संपन्न हों।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
- त्वरित पुलिस कार्रवाई: तहसील परिसर में तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पहुंचकर स्थिति को बिगड़ने से रोका।
- पारदर्शी निबंधन प्रक्रिया: उप-निबंधक कार्यालय द्वारा बुजुर्ग व्यक्ति की सहमति और दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन किया गया।
- निष्पक्ष जांच की गारंटी: परिजनों की शिकायतों को दर्ज करते हुए प्रशासन ने पारदर्शी जांच का भरोसा दिलाया है।
कानून और नागरिक अधिकारों का सम्मान
राज्य सरकार की नीतियों के अनुसार, संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है। पुलिस एवं तहसील प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों के जायज अधिकारों की रक्षा करना प्राथमिकता है। यदि परिजनों को इस बैनामे से संबंधित कोई वैधानिक शिकायत है, तो वे राजस्व न्यायालय के समक्ष अपनी याचिका दाखिल कर सकते हैं। प्रशासन पूरी निष्पक्षता के साथ मामले का निस्तारण करने में जुटा हुआ है।
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