मैनपुरी में डेंगू संदिग्ध बुखार की चपेट में आकर पति-पत्नी के आकस्मिक निधन से शोक की लहर है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर तुरंत संज्ञान लेते हुए क्षेत्र में सघन अभियान शुरू कर दिया है।
जनपद मैनपुरी में मौसमी बीमारियों और संक्रामक बुखार के बढ़ते मामलों के बीच एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कुछ ही घंटों के अंतराल में पति और पत्नी दोनों ने दम तोड़ दिया। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, पीड़ित परिवार में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद दोनों को उपचार के लिए ले जाया गया था, लेकिन प्लेटलेट्स के गंभीर रूप से गिरने और स्वास्थ्य जटिलताओं के चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में गहरा दुख व्याप्त है।
प्रशासन हुआ मुस्तैद, प्रभावित क्षेत्र में भेजी गई विशेष मेडिकल टीम
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निर्देश पर तुरंत संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और मोबाइल हेल्थ यूनिट को रवाना किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर नागरिकों की थर्मल स्क्रीनिंग और ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि किसी भी अन्य व्यक्ति में लक्षण दिखने पर तुरंत बेहतर उपचार मुहैया कराया जा सके।
मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए उठाए गए त्वरित कदम
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत दिए गए कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, स्थानीय नगर निकाय और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त रूप से सघन रोकथाम कार्य में जुट गए हैं:
- एंटी-लारवा का छिड़काव: पूरे मोहल्ले और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में युद्धस्तर पर एंटी-लारवा दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
- फागिंग अभियान: मच्छरों के प्रकोप को समाप्त करने के लिए सघन फागिंग ड्राइव शुरू की गई है।
- निःशुल्क दवा वितरण: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखते हुए आवश्यक दवाओं, पेरासिटामोल और ओआरएस के पैकेट घर-घर वितरित किए जा रहे हैं।
- जागरूकता शिविर: स्थानीय निवासियों को पानी जमा न होने देने और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अस्पतालों में पुख्ता व्यवस्था और निगरानी
जिला अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संक्रामक रोगों से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड पूरी तरह तैयार हैं और पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स व रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार का बुखार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें, जहां सभी जांचें और दवाएं सरकार द्वारा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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