iPhone के बदले अंडाणु! प्रयागराज में 15 साल की नाबालिग के साथ खौफनाक सौदा, IVF सेंटर पर बचपन से खिलवाड़

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iPhone के बदले अंडाणु! प्रयागराज में 15 साल की नाबालिग के साथ खौफनाक सौदा, IVF सेंटर पर बचपन से खिलवाड़

प्रयागराज | 07 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सामने आया यह मामला इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। यहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित तौर पर अंडाणु निकलवाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक महिला ने लड़की को Apple का iPhone और 15 हजार रुपये का लालच देकर ऑपरेशन के लिए तैयार कराया। यह पूरा मामला अवैध सरोगेसी और संगठित मानव तस्करी की ओर इशारा कर रहा है।

प्रयागराज में 15 साल की नाबालिग लड़की से iPhone और पैसे का लालच देकर अंडाणु निकलवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच में IVF सेंटर और संगठित रैकेट की आशंका।
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लालच देकर कराया गया ऑपरेशन

पुलिस के मुताबिक, नाबालिग को यह कहकर बहलाया गया कि यह “छोटा सा मेडिकल प्रोसीजर” है, जिसके बाद उसकी जिंदगी बेहतर हो जाएगी। मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि आरोपी महिला उसे अच्छे भविष्य, पैसों और आज़ादी के सपने दिखाती थी। यहां तक कहा गया कि “अच्छा पैसा मिलने के बाद निकाह करा दिया जाएगा।”

इन्हीं बातों में आकर लड़की ऑपरेशन के लिए राजी हो गई। बाद में सामने आया कि अगर वह तैयार होती है तो उसे एक iPhone और नकद रकम दी जाएगी। मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि उसके शरीर से अंडाणु निकाले जा चुके हैं।

एक साल में 20–25 लड़कियों के शिकार होने की आशंका

जांच के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि पिछले करीब एक साल में 20 से 25 कम उम्र की लड़कियों के साथ इसी तरह की प्रक्रिया कराई जा सकती है। पुलिस अब इस केस को तीन प्रमुख एंगल से देख रही है—

  1. अब तक कितनी नाबालिग लड़कियां इस रैकेट का शिकार बनीं?

  2. क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या मेडिकल नेटवर्क सक्रिय है?

  3. क्या लड़कियों को किसी खास उद्देश्य से मानसिक रूप से ब्रेनवॉश किया जा रहा था?

सूत्रों का कहना है कि कुछ निजी IVF सेंटरों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

बेटी के लापता होने से खुला पूरा मामला

इस पूरे कांड का पर्दाफाश तब हुआ जब नवाबगंज इलाके की रहने वाली एक महिला ने अपनी 15 साल की बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। बच्ची कुछ समय से “पहल उर्फ जोया” नाम की महिला के संपर्क में थी। वह रोज सुबह घर से निकलती और शाम को लौट आती थी।

15 जनवरी को वह अचानक गायब हो गई और फोन भी बंद मिला। परिवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। कई दिनों की तलाश के बाद 21 जनवरी को पता चला कि लड़की सिविल लाइंस इलाके के एक IVF सेंटर में भर्ती है। मां जब वहां पहुंचीं, तो बताया गया कि ऑपरेशन हो चुका है और अंडाणु निकाले जा चुके हैं।

इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।

पीड़िता शेल्टर होम में, 5 लोग हिरासत में

बरामदगी के बाद नाबालिग को शेल्टर होम भेजा गया है। 5 फरवरी को उसका मेडिकल कराया गया, जिसमें सर्जिकल हस्तक्षेप की पुष्टि हुई। फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।

पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और CCTV फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि संगठित रैकेट के सबूत मिलते हैं, तो मानव तस्करी, पोक्सो एक्ट और गंभीर IPC धाराओं में केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

समाज में आक्रोश, दोषियों को सख्त सजा की मांग

इस घटना के बाद शहर में भारी आक्रोश है। सामाजिक संगठनों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने दोषियों को कठोरतम सजा देने की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिग से जबरन जैविक सामग्री निकालना बेहद गंभीर अपराध है, जिसमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान हो सकता है।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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