यूपी के मथुरा में कोहरे ने बरपाया कहर, छोटी सी नादानी ने ले ली कई जिंदगियां

मथुरा में 7 बसें और 3 कारें टकराने से आग लगी और बसों में फंसी कई सबारिया ऊंची-ऊंची आग की लपटो की जद में .! घटना में धू धू कर जलती बसें और पुलिस प्रशासन आग को बुझाने में कड़ी मशक्कत करते हुए, वहीं तस्वीरों में ऊंची उठ रही आग की लपटें
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यूपी के मथुरा में कोहरे ने बरपाया कहर, छोटी सी नादानी ने ले ली कई जिंदगियां

मथुरा16 दिसंबर 2025 (मंगलवार) : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मंगलवार तड़के घने कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप दिखाया। मथुरा जनपद में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार, लापरवाही और क्षणिक बहस ने मिलकर ऐसा भयावह मंजर रचा, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यमुना एक्सप्रेसवे पर एक के बाद एक वाहन टकराते चले गए और देखते ही देखते आग का तांडव शुरू हो गया।

घने कोहरे में हादसे की शुरुआत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 127 के पास तड़के हुआ। उस समय कोहरा इतना घना था कि दृश्यता लगभग शून्य के बराबर थी। इसी दौरान सबसे पहले दो कारें आपस में भिड़ गईं। टक्कर के बाद दोनों कारों में सवार लोग आपस में उलझ गए और गुस्से में अपनी गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी कर दीं।

मथुरा में कोहरे ने बरपाया कहर
मथुरा में 7 बसें और 3 कारें टकराने से आग लगी और बसों में फंसी कई सबारिया ऊंची-ऊंची आग की लपटो की जद में

विवाद बना बड़ी त्रासदी की वजह

कारों के सड़क पर खड़े होने के कारण पीछे से आ रही एक तीसरी कार भी उनसे टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक कार की पेट्रोल टंकी क्षतिग्रस्त हो गई। अभी लोग संभल भी नहीं पाए थे कि तेज रफ्तार से आ रही एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर खड़ी कारों से जा भिड़ी। बस की गति इतनी अधिक थी कि कारें करीब 10 मीटर तक घिसटती चली गईं।

टक्कर के बाद लगी भीषण आगडबल डेकर बस की टक्कर के साथ ही क्षतिग्रस्त कार की पेट्रोल टंकी फट गई और चंद सेकेंड में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बस और कारें आग की लपटों में घिर गईं। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई और एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार गूंजने लगी।

आग की लपटों में फंसी जिंदगियां

बस और कारों में सवार यात्रियों के बीच भगदड़ मच गई। कुछ लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन कई लोग आग की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन आग के कारण कोई पास नहीं जा सका।

मौके पर पहुंचा प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक कई वाहन पूरी तरह जल चुके थे और कई लोग गंभीर रूप से झुलस चुके थे।

जली गाड़ियां, अधजली लाशें और नर कंकाल

आग बुझने के बाद जो दृश्य सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। कई वाहन जलकर राख हो चुके थे। बस और कारों के भीतर से अधजली लाशें और नर कंकाल निकाले गए। कई शव इस कदर झुलस चुके थे कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ शवों की पहचान डीएनए जांच के बाद ही संभव हो सकेगी।

घायलों में मची चीख-पुकार

हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल मथुरा, वृंदावन और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पतालों में दर्द से कराहते घायल, अपनों को ढूंढती आंखें और रोते-बिलखते परिजन नजर आए। कई परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के चक्कर लगाते रहे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया दर्द

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे की मुख्य वजह घना कोहरा, तेज रफ्तार और लापरवाही रही। यदि पहले टकराए वाहन सड़क पर खड़े न होते और सावधानी बरती जाती, तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था। कुछ लोगों ने बताया कि बस चालक ने कोहरे के बावजूद रफ्तार कम नहीं की थी।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “बस सीधे कारों में घुस गई। टक्कर के बाद आग लगी और सब कुछ खत्म हो गया। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि पास जाना भी मुश्किल था।”

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और कुछ समय के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर आवागमन रोक दिया गया। हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, बस चालक से पूछताछ की जा रही है और सभी वाहनों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।

लापरवाही बन रही जानलेवा

यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि सड़क पर की गई छोटी सी नादानी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। कोहरे में तेज रफ्तार, सड़क पर वाहन खड़ा करना और आपसी विवाद जैसी लापरवाहियां कई जिंदगियों पर भारी पड़ गईं। यमुना एक्सप्रेसवे पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे।

सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कोहरे के समय गति सीमा का पालन न होना, पर्याप्त चेतावनी संकेतों की कमी और निगरानी में ढिलाई इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।

मातम में बदले कई घर

इस दर्दनाक हादसे ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने पति तो किसी ने पिता। हर तरफ मातम पसरा है और आंखें नम हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह भीषण हादसा एक सख्त चेतावनी है कि सड़क पर नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। जरूरत है कि चालक संयम बरतें और प्रशासन सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू करे, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।

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