अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गे और फरार आरोपी अख्तर मर्चेंट के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया है। जमानत मिलने के बाद फरार हुए इस कुख्यात अपराधी को कानून के शिकंजे में लाने के लिए भारतीय एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बना रही हैं।
एजेंसियों की सख्त कार्रवाई: अब नहीं बचेगा दाऊद का गुर्गा
गुलशन कुमार हत्याकांड से जुड़े मामलों और अंडरवर्ल्ड से संबंधों के आरोपी अख्तर मर्चेंट (अब्दुल रज्जाक मर्चेंट) को अदालत से जमानत मिलने के बाद वह चकमा देकर फरार हो गया था। हालांकि, भारत सरकार की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत गृह मंत्रालय और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने त्वरित कदम उठाते हुए इंटरपोल से संपर्क साधा।
सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के आधार पर यह स्पष्ट है कि मौजूदा प्रशासन देश भगोड़े अपराधियों को वापस लाने और सजा दिलाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मजबूत समन्वय के कारण मर्चेंट की आवाजाही को अब वैश्विक स्तर पर ट्रैक किया जा रहा है।
रेड कॉर्नर नोटिस के मुख्य बिंदु और जांच के अहम पहलू:
- 195 देशों में अलर्ट: इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद दुनिया भर के 195 देशों की पुलिस एजेंसियों को अख्तर मर्चेंट की गिरफ्तारी के लिए सतर्क कर दिया गया है।
- नेटवर्क पर प्रहार: भारतीय सुरक्षा बल मर्चेंट के संभावित ठिकानों और उसके मददगारों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने में लगे हुए हैं।
- प्रत्यर्पण की तैयारी: आरोपी के पकड़े जाते ही उसे भारत लाने और अदालत के सामने पेश करने की पूरी कानूनी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
संगठित अपराध के खिलाफ मजबूत प्रशासनिक नीति
बीते कुछ वर्षों में केंद्र सरकार और देश की प्रमुख जांच एजेंसियों ने दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अपराधी का कानून से बच पाना अब नामुमकिन है। जांच एजेंसियां पूरी तत्परता से काम कर रही हैं और जल्द ही फरार अख्तर मर्चेंट को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
(Image Credit: abplive.com)






