लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सरोजनीनगर क्षेत्र में एलीवेटेड रोड पर स्लैब डालने का कार्य तेज़

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सरोजनीनगर क्षेत्र में एलीवेटेड रोड पर स्लैब डालने का कार्य तेज़ी से जारी है।


लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य मार्च 2026 के पहले सप्ताह तक पूरा होने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने परियोजना को तय समय सीमा में पूरा कराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सरोजनीनगर क्षेत्र में एलीवेटेड रोड का काम अभी शेष है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।

एनएचएआई ने दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र भेजकर जानकारी दी थी कि मार्च 2026 के प्रथम सप्ताह तक एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद किसी भी दिन इसे आम जनता के लिए खोला जा सकता है। हालांकि जमीनी हालात को देखते हुए अब माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह तक सभी कार्य पूरे कर पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह तक हर हाल में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का काम मार्च के पहले सप्ताह तक पूरा होने पर संशय, एनएचएआई ने तेज की रफ्तार

टारगेट फिक्स कर कराया जा रहा काम

एक्सप्रेसवे निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए ट्रांसमिशन लाइन शिफ्ट करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही एलीवेटेड रोड पर स्लैब डालने का काम भी शुरू कर दिया गया है। एनएचएआई ने साफ निर्देश दिए हैं कि एक भी दिन खराब न हो। हर दिन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और उसी के अनुसार कार्य कराया जा रहा है।

परियोजना की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है। उच्च अधिकारियों द्वारा लगातार साइट का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। एनएचएआई का मानना है कि सख्त मॉनिटरिंग से ही समय पर काम पूरा किया जा सकता है।

स्थानीय विवादों का भी निस्तारण

एक्सप्रेसवे निर्माण में जिन रास्तों या जमीन से जुड़े विवादों के कारण कार्य प्रभावित हो रहा था, उन्हें जनवरी माह में ही निस्तारित करने के निर्देश दिए गए थे। स्थानीय प्रशासन और एनएचएआई की संयुक्त टीमों ने कई मामलों का समाधान कर लिया है, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली है।

जनता को बड़ी राहत की उम्मीद

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के चालू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। यही कारण है कि इस परियोजना को लेकर आम जनता में भी काफी उत्सुकता है।

एनएचएआई का दावा है कि मौसम और तकनीकी बाधाएं अनुकूल रहीं तो मार्च के अंतिम सप्ताह तक एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद उद्घाटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

भले ही मार्च के पहले सप्ताह तक काम पूरा होने पर संशय बना हुआ है, लेकिन एनएचएआई की सख्त निगरानी, तय लक्ष्य और तेज़ निर्माण कार्य यह संकेत दे रहे हैं कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मार्च 2026 के अंत तक हर हाल में जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देने वाला साबित होगा।

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