आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा टला, चलती लग्जरी बस में लगी आग, 54 यात्री सुरक्षित
फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश):
आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब अजमेर से 54 यात्रियों को लेकर नेपाल जा रही एक लग्जरी बस में अचानक आग लग गई। यह घटना फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज थाना क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के 76.300 किलोमीटर पॉइंट पर हुई। बस के पिछले पहिए में बेयरिंग की रगड़ के कारण टायरों में आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार में आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ रही थी, तभी पीछे के हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया। ड्राइवर को जैसे ही असामान्य गंध और धुआं महसूस हुआ, उसने तुरंत बस को सड़क किनारे रोक दिया। ड्राइवर और कंडक्टर की सूझबूझ से सभी यात्रियों को तत्काल नीचे उतार लिया गया। कुछ ही पलों बाद बस के पिछले हिस्से में आग की लपटें तेज हो गईं।
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर खाक हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी 54 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। यात्रियों ने बताया कि अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा की पेट्रोलिंग टीम, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। आग बुझाने के दौरान एक्सप्रेसवे पर यातायात को अस्थायी रूप से रोका गया, जिससे कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस के पिछले पहिए की बेयरिंग में अत्यधिक घर्षण के कारण गर्मी बढ़ गई थी। इसी कारण टायरों में आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे वाहन में फैल गई। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों में नियमित रखरखाव और बेयरिंग की समय-समय पर जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
हादसे के बाद यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरी बस से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। बस ऑपरेटर की ओर से यात्रियों को आश्वासन दिया गया कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। वहीं, कुछ यात्रियों ने बताया कि हादसे के वक्त वे गहरी नींद में थे और अचानक बस रुकने तथा शोर-शराबे से उनकी नींद खुली।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बस के दस्तावेज, फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यदि लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लंबी दूरी की बसों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वाहन सुरक्षा और तकनीकी जांच को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ वाहनों की तकनीकी स्थिति पर भी सख्त निगरानी जरूरी है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के सटीक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। समय पर बस रोकने और यात्रियों को सुरक्षित निकाल लेने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली है।



