मैनपुरी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 क्विंटल संदिग्ध मावा बरामद कर जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर कड़ा शिकंजा कसा है।
प्रदेश सरकार के ‘मिशन तंदुरुस्त’ और मिलावटखोरी पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मैनपुरी जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। त्योहारों और आम दिनों में नागरिकों तक शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) लगातार सघन चेकिंग अभियान चला रहा है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संदिग्ध मावे की खेप लाई जा रही है, जिस पर अधिकारियों ने बिना देर किए त्वरित कार्रवाई की।
प्रशासन की त्वरित घेराबंदी से मिलावटखोरों में हड़कंप
सहायक आयुक्त खाद्य के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने सटीक रणनीति बनाकर संदिग्ध वाहन को रोका। गहन तलाशी के दौरान लगभग पांच क्विंटल (500 किलोग्राम) मावा बरामद किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर ही खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की और गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर पूरी खेप को तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु:
- भारी मात्रा में बरामदगी: मिलावट की आशंका वाले 5 क्विंटल मावे को सीज कर सुरक्षित कब्जे में लिया गया।
- लैब टेस्टिंग के लिए भेजे गए नमूने: मावे के वैज्ञानिक विश्लेषण के लिए विधिक नमूने एकत्र कर राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
- कठोर कानूनी कार्रवाई: अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वस्थ समाज के लिए सरकार की सजग पहल
जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार मिलावट के नेटवर्क को समूल नष्ट करने के लिए कटिबद्ध है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि जनपदवासियों को केवल शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो सके। प्रशासन ने व्यापारियों से भी अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और नागरिकों की सेहत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करें।
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