नई दिल्ली से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने पुलिसिया ढिलाई और शिकायत दर्ज करने में हुई देरी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सीधी-सच्ची शिकायत लिखने में प्रशासन को ढाई घंटे से अधिक का समय लग गया, जो बेहद चिंताजनक है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा सांसद ने स्पष्ट कहा कि न्याय प्रक्रिया में इस तरह का विलंब किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है और दोषियों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
बांसुरी स्वराज के पलटवार की मुख्य बातें:
- शिकायत में ढाई घंटे की देरी: सांसद ने सवाल उठाया कि एक साधारण एफआईआर दर्ज करने के लिए पीड़ित पक्ष को ढाई घंटे तक क्यों इंतजार कराया गया?
- दीपके की गिरफ्तारी पर सवाल: मामले में नामजद आरोपी ‘दीपके’ को अब तक पुलिस द्वारा गिरफ्तार न किए जाने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई।
- प्रशासन की कार्यशैली पर हमला: बांसुरी स्वराज ने कहा कि जब हाई-प्रोफाइल मामलों में यह हाल है, तो आम जनता को न्याय पाने के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ती होगी।
त्वरित कार्रवाई की मांग
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने साफ शब्दों में कहा कि मामले की लीपापोती करने के बजाय पुलिस को निष्पक्षता से काम करना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि बिना किसी राजनीतिक दबाव के आरोपी को तुरंत हिरासत में लिया जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
(Image Credit: abplive.com)






