लद्दाख आंदोलन को लेकर दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में हलचल बेहद तेज हो गई है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों की देर रात प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ हुई बातचीत के बाद, आज केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधिमंडलों के बीच एक महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक आयोजित की जा रही है।
देर रात की बैठक और मौजूदा जमीनी हालात
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोनम वांगचुक से देर रात मुलाकात कर उनकी मांगों और स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की। वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के अनुसार, वांगचुक अपने सैकड़ों लद्दाखी समर्थकों के साथ दिल्ली की ओर ‘दिल्ली चलो पदयात्रा’ के तहत बढ़ रहे थे, जिन्हें दिल्ली सीमा पर हिरासत में ले लिया गया था। इस मुलाकात के बाद आज का माहौल बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज की बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
आज होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में एपेक्स बॉडी लेह (ABL) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के शीर्ष नेता केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के सामने अपनी मुख्य मांगों को रखेंगे। इस बैठक के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- छठी अनुसूची (6th Schedule): लद्दाख की संवेदनशील पर्यावरण, जल, भूमि और जनजातीय संस्कृति की सुरक्षा के लिए संवैधानिक गारंटी।
- पूर्ण राज्य का दर्जा: लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश से बदलकर पूर्ण राज्य का दर्जा देना।
- संसदीय प्रतिनिधित्व: लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग यानी कुल दो लोकसभा सीटों की मांग।
- रोजगार और भर्ती आयोग: स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण और अलग लोक सेवा आयोग (PSC) का गठन।
क्या खत्म होगा केंद्र और लद्दाख के बीच का गतिरोध?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि देर रात हुई अनौपचारिक बातचीत ने आज होने वाली आधिकारिक वार्ता का रास्ता साफ किया है। यदि केंद्र सरकार लद्दाख के सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कोई ठोस लिखित आश्वासन देती है, तो पिछले कई महीनों से चला आ रहा यह गतिरोध आखिरकार समाप्त हो सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें गृह मंत्रालय में होने वाली इस बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।
(Image Credit: abplive.com)






