सोशल मीडिया की लत पर लगेगा ब्रेक: रात 12 से सुबह 6 बजे तक Instagram और Facebook पर Meta का कड़ा नियम, जानिए किसे होगा असर

⏱ 1 min read

सोशल मीडिया की लत से युवाओं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए Meta ने बड़ा कदम उठाया है। अब देर रात इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लगातार रील्स देखने वालों को कड़े डिजिटल प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

देर रात स्क्रॉलिंग पर रोक: क्या है मेटा का नया ‘नाइट मोड’ नियम?

टेक दिग्गज मेटा (Meta) ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर टीनेजर्स (नाबालिग यूजर्स) के लिए नया ‘नाइटटाइम नजेज’ (Nighttime Nudges) फीचर अनिवार्य करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। वॉइस ऑफ मैनपुरी के डिजिटल बुलेटिन के अनुसार, रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच यदि कोई युवा 10 मिनट से अधिक समय तक रील्स या फीड स्क्रॉल करता है, तो स्क्रीन पर ऑटोमैटिक अलर्ट आएगा और ऐप बंद करने की सलाह दी जाएगी।

इस फीचर का मुख्य उद्देश्य देर रात तक मोबाइल स्क्रीन से चिपके रहने की आदत को तोड़ना और बेहतर नींद को बढ़ावा देना है।

नए नियमों की प्रमुख बातें:

  • ऑटोमैटिक स्लीप रिमाइंडर: रात 12 बजे के बाद 10 मिनट से ज्यादा समय बिताने पर यूजर्स को ‘टेक अ ब्रेक’ का फुल-स्क्रीन प्रॉम्प्ट दिखेगा।
  • डिफ़ॉल्ट सेटिंग्स: 18 वर्ष से कम उम्र के सभी टीन अकाउंट्स पर यह सुरक्षा फीचर डिफ़ॉल्ट रूप से एक्टिव रहेगा।
  • पैरेंटल कंट्रोल टूल्स: माता-पिता को अब यह तय करने का सीधा अधिकार मिलेगा कि उनके बच्चे रात में किन घंटों में सोशल मीडिया का उपयोग नहीं कर सकते।
  • मैसेज नोटिफिकेशन म्यूट: तय समय सीमा के दौरान डायरेक्ट मैसेजेस (DMs) के नोटिफिकेशन अपने आप साइलेंट मोड पर चले जाएंगे।

डिजिटल सुरक्षा पर केंद्र सरकार की सक्रियता का सकारात्मक असर

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को बाल सुरक्षा और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की दूरदर्शी डिजिटल नीतियों और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट के सख्त अनुपालन के चलते ही वैश्विक टेक कंपनियां अब भारतीय युवाओं के डिजिटल स्वास्थ्य और ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही हैं।

साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि शासन की ओर से बनाए जा रहे कड़े सुरक्षा तंत्र के कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब अधिक जवाबदेह और सुरक्षित बन रहे हैं, जिससे देश की युवा पीढ़ी साइबर तनाव और अनिद्रा जैसी समस्याओं से बच सकेगी।

(Image Credit: abplive.com)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×

सबसे पहले खबर पाएं!

हमारे दैनिक न्यूज़लेटर की सदस्यता लें और मैनपुरी की हर ताज़ा खबर से अपडेट रहें।

Scroll to Top