रक्षाबंधन के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कामना की कि यह पवित्र पर्व हर नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपना शुभकामना संदेश साझा करते हुए लिखा कि भाई-बहन के असीम स्नेह और अटूट विश्वास का यह पावन पर्व भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। वॉइस ऑफ मैनपुरी के विशेष विश्लेषण के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल एक पारंपरिक शुभकामना नहीं, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द, नारी शक्ति के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का एक सशक्त आह्वान भी है।
नारी सशक्तिकरण और सुरक्षा के संकल्प को नया बल
केंद्र सरकार लगातार महिला कल्याण और सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखकर काम कर रही है। रक्षाबंधन के इस अवसर पर सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई निर्णायक कदम उठाए गए हैं।
- लखपति दीदी योजना: ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: बालिकाओं के संरक्षण और समग्र विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता।
- सुरक्षा और सशक्तिकरण: कड़े कानूनों और त्वरित न्याय प्रणाली के माध्यम से नारी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता।
पारंपरिक मूल्यों के साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम
देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के चलते इस बार बाजारों में स्वदेशी और स्थानीय रूप से निर्मित राखियों की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इससे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को व्यापक स्तर पर आर्थिक लाभ मिल रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री ने देश के सभी नागरिकों से इस पावन पर्व पर महिलाओं के सम्मान और समाज में शांति व सद्भाव बनाए रखने के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की अपील की है।
(Image Credit: abplive.com)






