जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की विशेष टीम नजर बनाए हुए है।
सफदरजंग से मेदांता अस्पताल क्यों किए गए शिफ्ट?
मिली जानकारी के अनुसार, लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण सुरक्षा की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे सोनम वांगचुक की तबीयत पिछले कुछ दिनों से लगातार खराब चल रही थी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद उनके सहयोगियों ने बेहतर चिकित्सकीय देखभाल और विस्तृत जांच के लिए उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया। वॉइस ऑफ मैनपुरी की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
सोनम वांगचुक के आंदोलन और स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी बातें:
- छठी अनुसूची की मांग: सोनम वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।
- लंबी पदयात्रा का असर: लेह से दिल्ली तक की लंबी पैदल यात्रा और अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
- हिरासत और तनाव: दिल्ली सीमा पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उनके स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ गई थीं।
- चिकित्सकीय जांच: गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनके कार्डियाक और अन्य महत्वपूर्ण अंगों की गहन जांच की जा रही है।
समर्थकों में चिंता, केंद्र से बातचीत की उम्मीद
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य सुधार के बाद ही सोनम वांगचुक आगे के आंदोलन की दिशा तय करेंगे। लद्दाख के अधिकारों को लेकर चल रहे इस आंदोलन के बीच देशभर से लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि प्राथमिकता वांगचुक का पूरी तरह से स्वस्थ होना है, जिसके बाद ही केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के अगले दौर पर विचार किया जाएगा।
(Image Credit: abplive.com)






