NEET UG पेपर लीक मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सनसनीखेज आरोपों के बाद CBI ने अपनी स्थिति साफ की है। मुख्य आरोपी संजीव मुखिया को क्लीन चिट देने के दावों पर जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि ठोस सबूतों के अभाव में कार्रवाई अटकी है, लेकिन जांच जारी है।
केजरीवाल ने केंद्र और CBI की मंशा पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि करोड़ों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले NEET पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को सीबीआई ने किस आधार पर राहत दी है?
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर वॉइस ऑफ मैनपुरी की ताज़ा खबरों के मुताबिक, केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी बड़े और प्रभावशाली आरोपियों को बचाने में लगी हुई है, जिससे मेडिकल अभ्यर्थियों का भरोसा टूट रहा है।
CBI की सफाई: ‘नहीं मिला ठोस सबूत, पर जांच बंद नहीं’
केजरीवाल के हमलावर रुख के बाद केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बयान जारी कर सफाई दी। एजेंसी के सूत्रों और अधिकारियों के अनुसार:
- संजीव मुखिया के खिलाफ अब तक अदालत में पेश करने लायक पर्याप्त और पुख्ता कानूनी सबूत नहीं मिले हैं।
- सीबीआई ने साफ किया कि किसी भी आरोपी को औपचारिक रूप से ‘क्लीन चिट’ नहीं दी गई है।
- पेपर लीक मामले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नए तथ्यों और साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है।
- तकनीकी और फॉरेंसिक सबूत जुटाने का काम अभी भी तेज़ी से चल रहा है।
छात्रों के भविष्य और देश की सियासत पर असर
NEET UG परीक्षा में हुई इस भारी धांधली ने पूरे देश के युवाओं और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया था। बिहार से शुरू हुए इस पेपर लीक नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े थे, जिसमें संजीव मुखिया का नाम मुख्य सरगना के तौर पर सामने आया था। अब राजनीतिक बयानबाजी और सीबीआई के इस बयान के बाद छात्रों में एक बार फिर निष्पक्ष न्याय को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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