नीट अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए केंद्र का बड़ा कदम, जानें 2024 के एंटी-लीक कानून के बाद नए नियमों में क्या होंगे सख्त प्रावधान

⏱ 1 min read

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को जड़ से मिटाने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्ष 2024 में लागू ‘सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम’ के बाद अब परीक्षाओं में अभेद्य पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नए तकनीकी और कानूनी सुधारों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

2024 का ऐतिहासिक कानून: धांधली पर कसता शिकंजा

देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लेकर आई थी। वॉइस ऑफ मैनपुरी की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, इस कानून के तहत पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का कड़ा प्रावधान किया गया था। सरकार ने इस सख्त कदम से यह साफ संदेश दिया कि युवाओं के सपनों के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

भविष्य के नए सुरक्षा मानक: आगामी सुधारों में क्या होगा खास?

प्रशासनिक स्तर पर परीक्षाओं को पूरी तरह फुलप्रूफ बनाने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों के आधार पर आगामी कानूनी और तकनीकी ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए जा रहे हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग: परीक्षा केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए AI आधारित कड़ी निगरानी प्रणाली।
  • डिजिटल लॉकिंग और जीपीएस सुरक्षा: प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण के दौरान बायोमेट्रिक और जीपीएस-सक्षम डिजिटल लॉकिंग सिस्टम।
  • सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर: पूरी परीक्षा प्रक्रिया की रियल-टाइम लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय नियंत्रण कक्ष।
  • एजेंसियों की कड़ी जवाबदेही: परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्थाओं और वेंडर्स के लिए कड़े मानक (SOP) व नियमित सुरक्षा ऑडिट।

पारदर्शिता और युवाओं का भरोसा बहाल करने की प्रतिबद्धता

राजनीतिक बहसों से अलग, केंद्र सरकार का पूरा ध्यान परीक्षाओं में शून्य-त्रुटि (Zero-Error) व्यवस्था स्थापित करने पर है। केंद्रीय जांच एजेंसियां पूरी तत्परता से दोषियों पर कानूनी शिकंजा कस रही हैं। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य नीट (NEET) सहित सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में एक ऐसा सुरक्षित माहौल तैयार करना है, जिससे हर योग्य और मेधावी छात्र को उसका वाजिब हक पूरी पारदर्शिता के साथ मिल सके।

(Image Credit: abplive.com)

Related Stories

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×

सबसे पहले खबर पाएं!

हमारे दैनिक न्यूज़लेटर की सदस्यता लें और मैनपुरी की हर ताज़ा खबर से अपडेट रहें।

Scroll to Top