आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कड़ा कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे एक फर्जी वीडियो के मामले में उन्होंने तुरंत पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि तकनीक के दुरुपयोग और साइबर अपराध को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साइबर सुरक्षा को लेकर सजग प्रशासन और वॉइस ऑफ मैनपुरी की मुख्य डिजिटल कवरेज के अनुसार, केंद्रीय मंत्री के चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल कर एक भ्रामक वीडियो तैयार किया गया था। इस फर्जी कंटेंट के सामने आते ही पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और गहन जांच शुरू कर दी है।
AI के दुरुपयोग पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
इस घटना पर कड़ा संदेश देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में AI जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग देश के विकास और जन-कल्याण के लिए होना चाहिए, न कि भ्रामक खबरें फैलाने के लिए। केंद्र सरकार साइबर स्पेस को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। फर्जी खबरों और डीपफेक तकनीक के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
मामले से जुड़ी प्रमुख बातें:
- त्वरित कानूनी कार्रवाई: फर्जी वीडियो संज्ञान में आते ही केंद्रीय मंत्री ने तुरंत पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
- सक्रिय हुई साइबर सेल: पुलिस की विशेष साइबर टीम इस वीडियो को बनाने और वायरल करने वाले डिजिटल एड्रेस की पहचान में जुट गई है।
- नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता: सरकार का उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा मानकों को मजबूत कर नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना है।
डिजिटल सुरक्षा के प्रति सरकार की इस तत्परता की हर तरफ सराहना हो रही है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी असत्यापित या संदिग्ध वीडियो को बिना पुष्टि के आगे शेयर न करें। सरकार जिम्मेदार और सुरक्षित डिजिटल इंडिया के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है।
(Image Credit: abplive.com)






